Sunday, 6 November 2022

Ghost Stories In Hindi । Demonic Powers Bhootiya Kahani - Real horror stories in hindi

Introduction -

नमस्कार दोस्तों HindiStoryverseNK.blogspot पर आप सभी का स्वागत हैं। Hindi Storyverse NK पर आपको हिंदी कहानीयाँ पढने को मिल जाएगी। बहुत से लोग हिंदी कहानीयाँ पढना चाहते हैं पर पढ नहीं पाते। लोगों को भी कहानीयाँ सुनना, पढना और बताना अच्छा लगता हैं, यह क्रम लंबे समय से चला आ रहा हैं।

हिंदी कहानी पढने हेतु किताबों की आवश्यकता होती हैं। टेक्नोलॉजी के इस युग में सबके पास मोबाईल फोन हैं जिससे कुछ भी किया जा सकता हैं, इस कारण hindistoryverse को बनाया क्योंकी कहीं भी, कभी भी आप hindi kahani पढ सकते हैं। 

आप सब के लिए hindistoryverse पर अच्छी और नई हिंदी कहानीयाँ लिखते हैं। हिंदी कहानी को आसान भाषा में लिखते हैं ताकी छोटे बच्चे भी पढ सके। हम आपको अन्य क्षेत्र की कहानीयों की जानकारी देना शुरु कर देंगे।

आनेवाले समय में आपके लिए Horror Ghost stories in hindi के साथ superhero, adventure, thriller, fantasy, science fiction कहानी लेकर आएंगे।

Real Ghost stories in hindi । Heart touching ghost stories - भूतों की सच्ची कहानी हिंदीं में

Ghost stories in hindi में सच्ची कहानीयाँ आसान भाषा में लिखी हैं ताकी पढने में कठिनाई ना हो, आसान भाषा का अर्थ समझने में आसान हो ।

• भूतीयाँ कहानीयों को आमतौर पर झुठ बताकर नकार दिया जाता हैं, किंतु जिसके साथ घटना हुई हैं उसे हीं पता होता हैं, क्या सच हैं।
• जब ऐसी हीं घटनाए न मानने वालों के साथ होती हैं, तब उनकी क्या स्थिती रहती हैं, बाद में उनपर भी कोई विश्वास नहीं रखता ।

Lalsingh - 


Demonic Powers Bhootiya Kahani - Real horror stories in hindi


कहानी का प्रारंभ दो सच्चे मित्रों से होता हैं जो एक रुम में बैठकर real ghost stories पर कहानी सुनाते हैं उनमें से प्रथम मित्र इन बातों को काल्पनिक बताना शुरु करता हैं, प्रथम मित्रने भी कई horror stories को सुन रखा था इसका उपयोग वह छोटे बच्चों को डराने में करता हैं, पर कभी विश्वास नहीं रखता तब दूसरा मित्र अपने मित्र के पिता के साथ हुई सच्ची घटना बताता हैं।

दूसरा मित्र - आज मैं तुम्हें एक सत्य घटना बताने जा रहा हूँ जो मेरे मित्र के पिता के साथ हुई हैं। मित्र के पिता लाल सिंह बैंक में एक कर्मचारी थे और निडर रूप से अपना कार्य करते थे पर कभी भी भूतों के अस्तित्व को नहीं मानते थे । लाल सिंह ने बचपन से हीं अपने आपपास के गाँव और अन्य क्षेत्र की कहानीयाँ सुन रखी थी, इसी के साथ वे बडे हुई और उनपर कभी विश्वास नहीं करते थे ।

लाल सिंह भूत प्रेत जैसी आत्माओं का बहुत मजाक उड़ाया करते थे । वह कहते थे की शैतानी शक्तीयों जैसी कोई चीज नहीं होती और वह चाहे रात हो या दिन जंगल हो या शमशान हो या फिर कोई कब्रिस्तान हो । वे जानबूझकर शमशान आदी स्थान पर घूमते रहते थे । अगर उनके गाँव में मित्र के साथ कोई घटना हो जाती थी तो वे उसे भी अनदेखा कर बोलते थे की ऐसा कुछ नहीं होता सब दिखावा हैं ।

लाल सिंह अपने मित्रों और परिवार के सदस्य को बोलते थे की देखो अगर कोई आत्मा इस दुनिया में होती तो हम सबको परेशान करती और शायद घरों में कोई अनहोनी घटनाए अवश्य होती । लाल सिंह इन जैसी बातों को हल्के में लेकर उलटी बातें हीं करता था । इन बेतुके तर्कों द्वारा साधु, मौलवी और अन्य लोगों की बातों को काटकर बहुत मजाक उडाया करते थे चाहे कोई भी उसे गलत बताए ।

जैसा हर आदमी के साथ होता हैं पहले वे बातों को झुठ बताकर मजाक उडाते हैं जब मजाक उडाने वालों के साथ घटना होती होती हैं, तब उनकी बातों पर कोई विश्वास नहीं होता । जबतक घटना बितती नहीं तबतक विश्वास नहीं रखता, बाद में स्वयं उन घटनाओं से पछताता हैं, ऐसा हीं कुछ लाल सिंह के साथ होने वाला था, जिससे उसे इस बात का अनुमान नहीं था और अपने हीं मस्त था ।

लाल सिंह के साथ अतबतक ऐसा कुछ नहीं हुआ था पर एक दिन दोपहर के समय अकेले हीं बैंक जा रहे थे । जिस चौराहे से लाल सिंह जाने वाले थे वहाँ पर किसी ने अतृप्त आत्मा को मुक्त किया था या किसी के शरीर से आत्मा को बाहर लाकर छोड दिया था और उन्से जुडा सामान चौराहे पर छोड दिया, उसके बाद चले गए होंगे ।

लाल सिंह को चौराहे पर किसी के द्वारा रखा हुआ नींबू, पेढा, फुल, लाल कपडा दिखा । यह सब सामान व्यवस्थित रूप से बनाए हल्दी के घेरे में रखा था । साइकिल पर होते हुए सोचने लगा की भला इस चौराहे पर दोपहर के समय किसने सामान चढाया हैं ।
खाने का सामान देख लाल सिंह को लालच आया और सामान को ले जाने का निर्णय लिया ।

यह सब अंधविश्वास हैं ऐसा सोचकर साइकिल से नीचे उतर गया और हल्दी से बने हुए घेरे में स्थित नींबू, लाल कपडा और मिठाई भी उठा ली । इस खाने के सामान को पोथी में रखकर साइकिल पर बैठ हँसते हुए बैंक चला गया हैं । लाल सिंह अपने काम में व्यस्त थे तभी उन्हें अचानक भुख लगी । उन्होने किसी साथी को नाश्ता लाने के लिए भेजा, थोडी देर बाद अच्छा सा नाश्ता लाल सिंह को मिल जाता हैं ।

लाल सिंह मँगाया हुआ नाश्ता खाने लगे तब उन्हें याद आ गया की चौराहे पर से जो खाने की वस्तू लाई थी वह मैं भूल गया । पोथी में से खाने का सामान जैसे मिठाई नींबू भी खा लिया और जो लाल कपडा था उस्से अपना हाथ मुँह पोंछ लिया । उसने लाल कपडे को पास हीं पडे कूडेदान में फेंक दिया फिर भी उसे कुछ नहीं हुआ । बाद में सोचने लगा मुझे कुछ नहीं आत्मा जैसी चीजे अंधविश्वास हैं कुछ नहीं होता ।

जैसे जैसे दिन ढलकर शाम होने लगी वैसे वैसे उन्हें कुछ अजीब सा महसुस होने लगा हैं । जब उन्का सिर भारी होने लगा तब थोडा घबराने लगे, पसीना आ रहा था और मन में किसी बात का भय सताने लगा वह तुरंत हीं अपना कार्य करके घर वापस आ गए लेकीन चौराहे वाली बात किसी को नहीं बताई । परिवार में अजीब सा वातावरण बना हुआ था, की आखिर उन्हें क्या हुआ, समझ नहीं पाए ।

जैसे जैसे रात के 12 बजने वाले थे अजीब घटनाओं की शुरुआत होने लगती हैं । रात के 12 बजते हीं उनके शरीर में कोई आत्मा प्रवेश कर गई या आत्मा के नियंत्रण में आने लगे । लाल सिंह जोर जोर से हँसने लगते हैं तो कभी रोने लगते थे इस अजीब बर्ताव के बिच वे अपने कपडे फाड देते थे । उस दिन के बाद वे अपने आपको कैंची चाकू से गला और हाथ भी काटने लगते थे । एक दिन आत्मा के वश में लालसिंह ने हद पार कर दी अपने गले में फाँसी का फंदा लगाकर खडे हो गए ।

आत्मा के वश में आए लाल सिंह फाँसी पर लटकने वाले थे तब उनकी पत्नी ने लिया और देर किए बिना अपने पती को फाँसी के फँदे से छुडा लिया और एक स्थानपर बैठाकर पुछने लगी, ' आखिर आपको क्या हुआ ऐसी उलटी सिधी हरकते क्यूँ कर रहे थे ' तब लाल सिंह कुछ नहीं बोले शांत लेकीन डरे हुए थे । ऐसा लग रहा था की कोई पागल को बात सुना रहा हो और आप सुना रहे हो ।

अपने पती लाल सिंह की पागलों वाली हरकतों से परेशान होकर डॉक्टर के घर चली गई और सारी बातें शुरुआत से बताई । डॉक्टर को बिमारी का कुछ पता नहीं चला तो इलाज क्या करते । तब गंभीर हालत को देखकर डॉक्टर ने ग्लुकोज की बोतले चढाना शुरु कर दिया ऐसी हीं कई दिन बित गए फिर भी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ । धीरे धीरे तबियत बिगडने लगी और कमजोर होते चले गए और कैंसर के मरीज जैसी हालत होने लगी ।

तबियत में कोई भी सुधार ना दिखाई देने पर पत्नी समझ गई की, यह कोई साधारण बिमारी नहीं उसके पीछे कोई अन्य कारण हैं । तब पत्नी ने भूत प्रेत वाली बात समझकर अघोरी बाबा की खोज की और देर किए बिना ले जाने का तय करती हैं । तब वह एक प्रसिद्ध अघोरी बाबा के पास पती को ले चलती हैं । लाल सिंह को देखकर अघोरी बाबा पहले से हीं बताते हैं की, यह किसी आत्मा का शिकार हुआ हैं ।

इसके पीछे का एक कारण हैं, चौराहे पर पडे सामान को उठाकर खा लिया था उसी का परिणाम इसकी यह हालत हैं और उसे जल्दी ठिक करना होना अन्यथा कुछ बुरा होने वाला हैं । पत्नी अघोरी को पुछती हैं आखिर क्या हुआ था उस चौराहे पर तब अघोरी बताया की, ' चौराहे पर एक आदमी ने किसी को झाड फूँककर उसकी आत्मा को मुक्त किया था और उसासे जुडा सारा सामान चौराहे पर रखकर पीछे लौट गया था । वह आत्मा उसी सामान के साथ बँधी थी ।

आत्मा को मुक्त कराने वाला तो वहाँ से चला गया लेकीन तब आपके पती चौराहे पर गए और लालच में आकर सामान अपने साथ बैंक ले गए और वहाँ पर दोपहर के समय खा लिया और तभी से वह आत्मा आपके पती के साथ घर आ गई औए परेशान करना शुरु कर दिया । अपने पती की ऐसी हालत देख अघोरी के सामने रोने लगी, पती को ठिक करने की माँग करने लगी और अघोरी के पैरों में गिर पडी । पैर पकडकर बोलने लगी, 'अघोरी बाबा अब बस आप हीं का सहारा हैं, हमारी सहायता करें '

अघोरी बाबा उसकी हालत देख दुखी हो गए और कहने लगे, ' बेटी पहले कुछ नया सामान खरीद कर लाओ फिर मैं बताता हूँ आगे क्या करना हैं ' । तब पत्नी कहती हैं, किंतु कौंसा सामान लाना ' अघोरी बोला, ' नींबू, सवा किलो मिठाई, साव मीटर एक लाल कपडा और फूलों का हार लेकर आओ, इसके बाद सारा सामान अपने पती से झूठा करके मुझे दो, फिर मैं देखता हूँ की क्या हो सकता हैं '

आघोरी बाबा ने जैसा बताया ठिक वैसा हीं लाल सिंह की पत्नी ने किया । अघोरी बाबा ने सारा पूजा पाठ संपन्न किया उसके बाद एक लोटे में पानी लिया । बाबा ने लाल सिंह के चारों ओर घुमकर पानी पी लिया और आशिर्वाद देते हुए चले गए । पत्नी ने लाल सिंह को एक कमरे में सोने के भेज दिया और पूरे कमरे को साफ कर दिया । अपने पती का ध्यान रखने लगी उस दिन से अजीब तरह से हँसना, रोना बंद हुआ।

जो लाल सिंह पहले आत्मा से ग्रसित थे वे दिन प्रतिदिन सहीं होने लगे और उनके साथ क्या हुआ था सब भूलने लग गए और एक दिन स्वस्थ हो गए । पूरी तरह से ठिक होने के बाद लाल सिंह हर रोज की तरह बैंक में काम पर जाने लगे । अपने पती की ठिक देखकर पत्नी भी खुश हो गई और बाहर पडे किसी भी अनजान वस्तू को ना हाथ लगाने का निर्णय लेती हैं । इस सबक के बाद पत्नी सतर्क हो जाती हैं ।

Ghost stories in hindi - Notes -

1. बाहर की अनजान वस्तू को हाथ नहीं लगाना चाहिए अथवा उन्हें घर नहीं लाना चाहिए
2. क्या आत्मा जैसा कुछ होता हैं ?
- आत्मा जैसे अनेको जीव ब्रह्मांड में मौजुद हैं तो आपके आसपास भी हैं लेकीन कभी दिखते हैं, इस कारण लोग विश्वास नहीं करते किंतु, जिंका सामना ऐसी बातों से होता हैं वहीं सत्य जान पाते हैं, जब्की अन्य उसे अंधविश्वास मानते हैं ।
3. क्या विज्ञान के परे भी कोई सत्य हैं ?
- अवश्य, विज्ञान के परे अन्य वस्तू भी हैं जिन्हें न देख पाने और स्वयं अनुभव न कर पाने से विज्ञान नहीं मानता, लेकीन जब खोज में पता चलता हैं तो उस सत्य को भी स्वीकारा जाता हैं ।

No comments:

Post a Comment

Superhero Horror Stories In Hindi । Superhero Hindi Kahani । Upcoming Superhero Story

Superhero Horror Stories in Hindi - Fan made superhero hindi story Superhero Atmadev - ● Characters In Superhero Atmadev -- 1. Guru Bha...